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Anek Movie Review : जरूरी फिल्म का गैरजरूरी ट्रीटमेंट

Anek Movie Review : आयुष्मान खुराना ( Ayushmann Khurrana ) की फिल्म 'अनेक' ( Anek ) सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है. इस फिल्म का ट्रेलर जब रिलीज हुआ था तब अधिकतर दर्शक इसे लेकर उत्साहित थे. इसकी कुछ वजहें थीं, एक तो आयुष्मान खुराना का लुक और दूसरा अनुभव सिन्हा के द्वारा चुना गया नया विषय. इस बार अनुभव सिन्हा ( Anubhav Sinha ) ने नॉर्थ ईस्ट की समस्याओं और वहां के लोगों के साथ होने वाले भेदभाव पर फिल्म बनाई. जब ट्रेलर ( Anek Movie Trailer ) रिलीज हुआ था तब मैंने इसे एक ज़रूरी फिल्म बताया था क्योंकि विषय ऐसा था जिसे मुख्यधारा में लाया जाना चाहिए था. फिल्म देखने के बाद एहसास हुआ कि एक जरूरी फिल्म में गैरजरूरी ट्रीटमेंट ने सब कबाड़ा कर दिया गया. फिल्म जो भी, जितना भी कहना चाहती थी, उसने कहने की भरसक कोशिश की है लेकिन उसकी कोशिश कामयाब नहीं होती. 'अनेक' अपनी अधूरी बातों से फैसला सुनाने की नाकाम कोशिश करती है. सरकार और बागियों के बीच के जंग की कहानी आइए पहले कहानी की बात करते हैं फिल्म में आयुष्मान खुराना एक स्पेशल एजेंट बने हैं, जिसका नाम अमन है. वो सरकार की नॉर्थ ईस्ट में शां...

Hit The First Case की हिंदी रीमेक के साथ-साथ सीक्वल Hit The 2nd Case भी रिलीज के लिए तैयार

इस रीमेक युग में एक और तेलुगु फिल्म का नंबर आया है, नाम है Hit The First Case . ये फिल्म 2020 में रिलीज हुई थी. बॉक्स ऑफिस पर सफल भी रही थी. फिल्म के हिंदी रीमेक ( Hit Remake ) में राजकुमार राव ( Rajkumar Rao ) और सान्या मल्होत्रा दिखाई देंगे. किसी एक्टर के लिए इस किरदार में करने के लिए बहुत कुछ है लेकिन एक्ट्रेस के लिए इस फिल्म में बस किडनैप होने और बार-बार एक्टर के ख्वाबों में आने भर का ही स्कोप है. इसे डायरेक्ट ओरिजिनल फिल्म के निर्देशक शैलेश कोलानु ही कर रहे हैं. ये अब नॉर्मल बात हो गई है. मेकर्स इस बात की उम्मीद रख रहे हैं कि डायरेक्टर ने जिस भव से ओरिजिनल फिल्म बनाई थी उसी भाव से इसका रीमेक भी बनाएंगे, हालांकि कई रीमेक में मामला गड़बड़ भी हो जा रहा है, जैसे जर्सी के हिंदी रीमेक के साथ हुआ. सीक्वल से पहले हिंदी रीमेक होगी रिलीज इस तेलुगु फिल्म से एक और दिलचस्प फैक्ट जुड़ा है. इस तेलुगु फिल्म का अगला पार्ट Hit The 2nd Case भी रिलीज के लिए एकदम तैयार है. इसके दूसरे पार्ट में अदिवि शेष ( Adivi Sesh ) मुख्य भूमिका में नजर आने वाले हैं. जहां एक तरफ इसका सेकंड पार्ट 29 जुलाई को रिलीज हो...

Bhool Bhulaiyaa 2 : 2022 में बॉलीवुड को ट्रैक पर ले आए कार्तिक आर्यन

 पिछले कुछ दिनों से भूल भुलैया 2 ( Bhool Bhulaiyaa 2 ) को लेकर जबरदस्त हाइप है. इस फिल्म ने पहले दिन 14.11 करोड़, दूसरे दिन 18 करोड़ और तीसरे दिन 23.52 करोड़ के साथ पहले वीकेंड में 55.96 करोड़ ( Bhool Bhulaiyaa 2 Box Office Collection ) की रिकॉर्डतोड़ कमाई कर डाली है. ये कार्तिक आर्यन ( Kartik Aaryan ) की सबसे बड़ी ओपनिंग कमाई वाली फिल्म है. इस साल रिलीज हुई हिंदी फिल्मों में ये ऐसी फिल्म है जिसको लेकर हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों में उत्साह नजर आ रहा है. अक्षय कुमार , अजय देवगन, रणवीर सिंह, जॉन अब्राहम और शाहिद कपूर जैसे स्टार्स की फिल्में इस साल अब तक बॉक्स ऑफिस पर ठंडी  ही रही हैं. कई लोगों का मानना था कि बॉलीवुड से दर्शकों का मोहभंग हो गया है. उसी बीच जबरदस्त मार्केटिंग के साथ आती है एक नए स्टार कार्तिक आर्यन की फिल्म 'भूल भुलैया 2'. कुछ दिनों पहले ही मैंने लिखा था कि बॉलीवुड वालों को अपनी मार्केटिंग स्ट्रेटजी पर ध्यान देना होगा. उनके घरेलू मार्केट में दूसरी भाषाओं की फिल्में जबरदस्त कमाई कर रही हैं. इसमें कोई बुराई नहीं लेकिन अगर उनके बॉलीवुड के बड़े स्टार्स की फिल्में उ...

Panchayat Season 2 Review : मोहब्बत ज़िंदाबाद है पंचायत की

Panchayat Season 2 Review : पंचायत का सीजन 2 अच्छा है. इस बार मीम एलिमेंट्स या यूं कहें फन एलिमेंट्स पहले के मुकाबले कम मिलेंगे लेकिन भावनात्मक पक्ष काफी मजबूत है. जीतू भैया इस बार पिछले वाले फॉर्म में नजर नहीं आए हैं लेकिन विकास, प्रहलाद और बवासीर वाले स्लोगन से नाराज 'बनराकस' (भूषण) ने बहुत प्रभावित किया है. प्रधान जी और प्रधान पत्नी दोनों का कोई जोड़ नहीं है. रिंकी की स्माइल और आवाज तो बहुत प्यारी लगी लेकिन रिंकी को ऐसा बुझा-बुझा सा देखना कचोट रहा था. पानी की टंकी पर जिस तरह से पहले सीजन का अंत हुआ था, रिंकी जैसे इंट्रोड्यूस हुई थी लगा था कि इस सीजन रिंकी को बराबर स्पेस मिलेगा पर ऐसा हुआ नहीं.  एक्टिंग जबरदस्त, स्क्रीनप्ले थोड़ा कमजोर अमेजन प्राइम पर रिलीज डेट से 2 दिन पहले आते ही देख लेने के बाद भी इसपर लिखने में मैंने देरी कर दी, वजह थी खराब तबियत. अब थोड़ा संक्षेप में दिल की बात लिख रहा हूँ. इसी पंचायत के पहले सीजन को मोहब्बत बताया था मैंने, वो मोहब्बत अभी भी कायम है. किरदार इस फिल्म के अपने हो चुके हैं. स्क्रीनप्ले वाला पक्ष थोड़ा, बस थोड़ा सा डगमगाया नजर आया. एक्टिंग जबरदस...

शादी इन कोरोना ( पॉर्ट-1)

दूल्हा-दुल्हन समेत घर के 14 सदस्यों के बीच हुई धूमधाम से शादी, हुआ एफआईआर- इस कोरोना महामारी के बीच अज्ञात स्थान पर अज्ञात लोगों द्वारा अज्ञात जोड़े के शादी का आयोजन कर लॉकडाउन और सोशल डिस्टेन्सिंग के नियमों की धज्जियां उड़ाई गयी। सरकार और प्रशासन के मनाही के बावजूद दूल्हा-दुल्हन समेत इस शादी में 14 लोग शामिल हुए। पुलिस को जब इस बात की सूचना मिली तो वो तुरंत इस शादी में पहुंची। बीते अज्ञात दिन, पुलिस को अज्ञात स्थान पर एक शादी के आयोजन की सूचना मिली। पुलिस ने इस पर तुरंत कार्यवाही की। पुलिस के पहुंचने पर शादी की प्रक्रिया जारी थी। पंडित मास्क सरका कर मंत्रोच्चारण में लगे थे।हालांकि पुलिस प्रशासन ने शादी पूरी होने की छूट दे दी। जिसके बाद बचे हुए ढ़ाई फेरे के साथ-साथ शादी की बाकी रस्में पूरी हुईं। इस बीच पुलिस ने नास्ता-पानी कर आयोजकों का मान रखा। कुछ पुलिसकर्मियों ने खाने की उचित प्रबंध ना होने पर थोड़ी नाराजगी भी जाहिर की। शादी पूरी होते ही नवविवाहित जोड़े सहित पूरे परिवार को टाँग कर थाने लाया गया और एफआईआर दर्ज कर ली गयी। अज्ञात आयोजकों द्वारा यह दावा किया गया कि उन्होंने पूरे सरक...

पलायन : महामारी के बीच त्रासदी

कोरोना वायरस के संक्रमण से फैली कोविड-19 बीमारी ने पूरे विश्व को भयभीत कर रखा है। जहां चीन, इटली, फ्रांस, जर्मनी और अमेरिका जैसे विकसित देश भी इसके सामने घुटने टेकतेदिखाई दे रहे हैं वहीं भारत इस लड़ाई में विजय पाने की पुरजोर कोशिश में लगा हुआ हैं। भारत मे कोरोना संक्रमण की खबरें आते ही भारत सरकार ने इससे लड़ने की तैयारी शुरू कर दी। इसी तैयारी के बीच 22 मार्च को सम्पूर्ण देश मे जनता कर्फ्यू लगा और फिर इस जनता कर्फ्यू के दो दिन बाद 21 दिन के लॉक डाउन की घोषणा हुई। पूरा देश अचानक से रुक गया। भारत सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन्स में ये कहा गया कि जो जहां है वहीं रुका रहेगा। उस तक सारे जरूरी सामान पहुंचाया जाएगा तथा जरूरतमंदों के लिए भोजन एवं रहने का प्रबंध किया जाएगा। कोरोना से लड़ने के लिए ये लॉक डाउन जरूरी तो था लेकिन इस लॉक डाउन ने एक ऐसी जमात को भय में डाल दिया जो इस देश का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। भारत के बड़े शहरों के प्रवासी श्रमिकों और दिहाड़ी मजदूरों पर इस फैसले का बड़ा असर हुआ। सारे कारखानें और कंपनियों के बंद हो जाने के कारण इनका रोजगार खत्म हो गया। जो रोज कमाने खाने वाले दिहाड़ी मजद...

क्या सच में न्याय हो गया?

क्या सच में न्याय हो गया? बलात्कार होने से ना रोका जा सका। बलात्कार के बाद कानूनी लड़ाई में भी सहयोग ना दिया जा सका। ना ही प्रशासन और ना ही न्यायिक व्यवस्था की जवाबदेही तय की जा सकी। जमानत पर छूटे आरोपी खुलेआम घूम रहे थे फिर भी पीड़िता को सुरक्षा मुहैया नहीं कराई जा सकी। अब फिर किसी को ज़िंदा जलाया गया है । तो एक काम करो एक और एनकाउंटर कर दो। फिर से देश वाहवाही देगा, फिर देश जश्न मनाएगा, फिर पीड़िता को न्याय मिल जाएगा। इसके बाद फिर अगले अवसर के लिए तैयारी शुरू भी कर देना क्योंकि सुरक्षा तो देने से रहे फिर कोई न कोई जलेगा ही, गोली रिवॉल्वर में लोड रखना हमेशा। और हाँ! एक सवाल का जवाब भी ढूंढ़ते रहना कि क्या सच मे न्याय हो गया? समझ पाओ तो समझ लेना, बात यहाँ क्राइम रोकने की है ना कि क्राइम होने के बाद न्याय की फिल्मी स्क्रिप्ट लिखने की। ना ही उस चीज़ के लिए तालियां बटोरने की जिसे होने ही नहीं देना था, ना ही तालियां बजा कर शोर मचाने की क्योंकि इस शोर की अवधि बड़ी कम होती है। प्रश्न इस समाज के हर सदस्य को अपने आप से पूछने की आवश्यकता है कि कहाँ चूक हो रही है। हालात ये हैं कि सभी ने ए...