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वो अधूरी रात

                      ◆वो अधूरी रात◆ मुझे आज भी उस अधूरी रात का एहसास सिर्फ अफ़सोस दिलाता है, तेरा मेरे इतने करीब हो कर भी तुझमे ना खो पाने का एहसास अफ़सोस दिलाता है। लेकिन मुझे सिर्फ अफ़सोस नहीं मुझे एक सुकूँ भी है, वो सुकूँ तेरा मेरे करीब होने का है। तेरे साथ बिताये वो हसीन पल अभी भी मेरे ज़ेहन में हैं। और मुझे ये यकीन है ये हसीन पलों की शुरुआत है और तेरे मेरे करीब आने का सिलसिला यूँ ही चलता रहेगा। क्या था तेरे दिल में वो मुझे खबर तो थी ही, क्या था मेरे दिल में शायद तुझे भी खबर थी। लेकिन खबर होते हुए भी हम बेखबर थे। मुझे नहीं पता ख़ुदा हो क्या मंजूर है लेकिन आज भी मेरा दिल हर वक़्त तुझे अपनेे करीब चाहता है, उम्मीद है तुम्हारी भी यही चाहत होगी। जब चाहत को इतनी चाहत है तो क्यों ना इस चाहत की चाहत को पूरी की जाये फिर उस अधूरी रात को पूरी करके।                  -Written by Divyaman Yati

तरस कुछ नासमझों पर।

भारत में रहने वाले कुछ नासमझ लोग जो पाकिस्तान ज़िंदाबाद या पाकिस्तान की जीत की ख़ुशी में आतिशबाजी करते हैं उन पर सिर्फ तरस आता है। ये लोग पाकिस्तान जाने की हिम्मत नहीं दिखा पाते क्योंकि उनकों वहाँ सिर्फ इसी शर्त बुलाया जायेगा कि तुम आतंकवादी बनों, नागरिकता तो मिलेगी नहीं। इनकी यहाँ जो इज़्ज़त रहती है वो इनके कुकर्मों से इनके ही क़ौम के लोग इन्हें नकार देते हैं। इनके लिए सिर्फ एक बात याद आती है। ये लोग " ना घर के हैं ना ही घाट के" हे ऊपरवाले! सद्बुद्धि दे इन ढक्कनों को। वैसे हम (भारतीय) तो "भारत माता की जय" में ही विश्वास रखते हैं।🇮🇳🇮🇳🇮🇳 #दिव्यमान_की_सोच

एक टूटे हुए मोहब्बत के रिश्ते को समर्पित।

◆एक टूटे हुए मोहब्बत के रिश्ते को समर्पित◆ आज बरसों से चला आ रहा मोहब्बत का ये सिलसिला थम गया, कितना अजीब लगता है तेरा यूँ इस कदर मुझे छोड़ कर जाना, क्या करूँ? शिकायत करूँ या इबादत करुँ ख़ुदा से, समझ नहीं आता। बस दिल सुन्न सा पड़ा हुआ है, जैसे ये एहसास मुझे पहले कभी ना हुआ हो। पर मोहब्बत मेरी कल भी थी, आज भी है और कल भी रहेगी। तू कभी फ़िक्र ना करना मेरी, बस एक एहसान कर देना मुझपे, अपने यादों में कभी-कभी थोड़ी सी ज़िक्र कर देना मेरी।                                    - Divyaman Yati

Don't Ask Any Question About My Indian Army

    जब 24×7 बॉर्डर पर हमारी सेना बिना कोई सवाल पूछे हमारी खुशहाली के लिये ड्यूटी करती हैं, तब हम क्यों उनसे सवाल पूछते हैं, इस लोकतांत्रिक देश सब अपनी गरिमा और मांग के लिये हड़ताल करते हैं, लेकिन भारतीय सेना नहीं करती, क्यों? क्योंकि उनकी कोई मांग ही नहीं होती। थोड़ी तो शर्म करो सेना से सवाल पूछने वालों जिस दिन देश की सेना हड़ताल पर बैठ गयी उस दिन क्या होगा? लेकिन सेना की कोई शर्त या मांग नहीं वो बिना शर्त अपने देश की और उनके लोगो की सुरक्षा करते हैं। #जयहिन्द फोटो साभार- गूगल                       - Divyaman Yati

◆गैंग्स ऑफ रेवाड़ी गर्ल्स◆

          ●गैंग्स ऑफ़ रेवाड़ी गर्ल्स● आप लोग शीर्षक से समझ ही गये होंगे कि मै हरियाणा के रेवाड़ी की उन बहादुर लड़कियों का ज़िक्र कर रहा हूँ, जिन्होंने अपने हक़ की लड़ाई शांतिपूर्ण और साहस के साथ लड़ी। उनकी लगभग एक हफ्ते की भूख हड़ताल के आगे आख़िरकार सरकार को झुकना ही पड़ा और रेवाड़ी की इन बहादुर लड़कियों की मांग पूरी हुई जो कि निःसंदेह जायज़ थी। मुझे इस हड़ताल के पीछे का कारण जान कर आश्चर्य हुआ, मनचलों के डर से ये लड़कियां अपने स्कूल को अपग्रेड कराना चाहती थी जिसकी वजह से उन्हें दूसरे गाँव ना जाना पड़े और उन्हें मनचलों की कायराना हरकत का शिकार न होना पड़े। ख़ैर बात इन बहादुर बच्चियों की जिन्होंने इस समाज में एक मिशाल कायम किया है, इतनी कम उम्र में इतना दृढ़निश्चय सराहनीय है। मेरा इन बच्चियों को सलाम बहुत कुछ सीखने को मिला इनसे। दुःख की बात ये है कि इस खबर की जानकारी बहुत मुझे भी मुश्किल से मिल पायी,मुझे इनके बारे पूरी जानकारी के लिये थोड़ी मेहनत करनी पड़ी, अभी भी बहुत से लोग शायद ही उन "रेवाड़ी गर्ल्स" के बारे में जानते हों ये थोड़ी निराशाजनक बात है। क्योंकि इसी दौरान एक और भूख...

मोदी सरकार के 3 साल।

मोदी सरकार के 3 साल- इस साल 16 मई को मोदी सरकार के 3 साल पुरे होने वाले हैं, हर साल की तरह इस साल भी मोदी सरकार के समस्त मंत्री अपने-अपने काम का विवरण ले कर लोगों के बीच आ रहे हैं और 3 साल का जश्न मना रहे हैं। मोदी सरकार के 3 साल पुरे होने पर जनता भी मोदी सरकार के काम का हिसाब किताब ज़रूर करेगी और करे भी क्यों ना, जनता का अधिकार है कि वो अपने सरकार के कामकाज का हिसाब ले। मोदी सरकार निःसंदेह पिछले 3 सालों में कुछ आश्चर्यजनक फैसलों और कामों से लोगो के बीच अपनी लोकप्रियता को काफी हद तक कायम रखा है, इनमें से नोटेबन्दी और सर्जिकल स्ट्राईक ताज़ा उदाहरण हैं। लेकिन मोदी सरकार के लिए राह अभी आसान नहीं, अभी भी एक बड़ा वर्ग उनसे बहुत सी उम्मीदें लगाये बैठा है, उनमे किसान प्रमुख हैं जिन्हें मोदी सरकार भरोसा देती भी  रहती है। मोदी सरकार की बहुत से फैसले और नीतियां सराहनीय हैं,सरकार पर पिछले 3 साल में एक भी भ्रष्टाचार के आरोप न लगना उनकी बड़ी उपलब्धियों में से एक है। मोदी जी की विदेश यात्राओं की चर्चा सरकार शुरुवाती दिनों में खूब रही विपक्ष ने ख़ूब चुटकियां ली लेकिन आज भारत की विश्व पटल पर एक न...

कुछ सवाल मीडिया से भी।

जहाँ तक मीडिया की बात है, तो मीडिया हर किसी से सवाल पूछता है, हर किसी के कार्य शैली पर प्रश्नचिन्ह लगाता है, हर बार मीडिया अपनी स्वतंत्रता की बात करता है। पर क्या कोई है जो मीडिया की कमियों को भी उजागर करे? क्या कोई है जो मीडिया से भी सवाल पूछे? या फिर ऐसा है कि मीडिया से कभी कोई गलती होती ही नहीं। तो मेरा कहना सिर्फ ये है मीडिया के बीच के लोग जो पत्रकारिता समाज के प्रति अपने कर्तव्यों के निर्वहन लिये करते हैं उन्हें उठ कर सामने आना होगा और अपने बीच की बुराइयों और अपने बीच चल रहे व्यवसाय के खिलाफ आवाज़ उठानी होगी। नहीं तो अगर सवाल करने वाले की पवित्रता खतरे में आ जाये तो उसके सवाल का क्या मतलब।                                       -दिव्यमान यती